पुलिस के मुताबिक, हत्याकांड की साजिश मृतक दंपति के स्कूल में कंप्यूटर शिक्षक के तौर पर काम करने वाले राकेश कुमार यादव ने अपने पड़ोसी आशीष यादव उर्फ डब्बू के साथ मिलकर रची थी। बताया गया कि राकेश कर्ज में डूबा था और दोनों ने स्कूल के दफ्तर में चोरी की योजना बनाई थी। 28 सितंबर की रात दोनों दफ्तर का ताला तोड़कर तिजोरी खंगाल रहे थे, तभी विनीता सिंह की नींद खुल गई। पहचान सामने आने के डर से आरोपियों ने उन पर लोहे के सब्बल और हथौड़ी से हमला कर दिया। आवाज सुनकर जब मुकेश कुमार सिंह जागे तो आरोपियों ने उनकी भी हत्या कर दी।
वारदात के बाद आरोपी नकदी और सामान लेकर फरार हो गए। पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल के निर्देश पर गठित टीमों ने फॉरेंसिक और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई और 5 अक्टूबर को नहर पुलिया के पास से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल लोहे का सब्बल और हथौड़ी, घटना के समय पहने गए खून से सने कपड़े, 34,960 रुपये नकद और मृतका का पहचान पत्र बरामद किया है। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपियों ने वारदात से जुड़ी अहम जानकारी दी है। दोनों आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
