मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी दलों के प्रदर्शन के बीच कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है, कन्हैया कुमार ने गुरुवार (8 अक्टूबर 2026) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री मोदी पर तीखी टिप्पणी की।
कन्हैया कुमार ने अपने पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कई आरोप लगाए और विपक्ष के प्रदर्शन को लेकर सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाए।
कन्हैया कुमार ने PM मोदी पर लगाए आरोप
कांग्रेस नेता ने अपने X पोस्ट में लिखा कि देश में मौजूदा स्थिति के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियां जिम्मेदार हैं, उन्होंने सरकार पर लोगों के साथ धोखा करने का आरोप लगाते हुए कहा कि देश के लोगों को इसके खिलाफ आवाज उठानी चाहिए, कन्हैया कुमार ने अपने पोस्ट में कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री पर भगवान से लेकर इंसान तक के साथ धोखाधड़ी और चोरी करने का आरोप लगाया है।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को लेकर उठाए सवाल
कन्हैया कुमार ने अपने दूसरे पोस्ट में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह या मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की निजी संपत्ति नहीं है, उन्होंने सवाल किया कि विद्यार्थियों, युवाओं, सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ताओं, आम नागरिकों और विपक्षी नेताओं को वहां विरोध-प्रदर्शन करने से क्यों रोका जा रहा है।
'विरोध का अधिकार संवैधानिक हक'
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि गांधी जयंती के बाद से लगातार लोग जंतर-मंतर जाने की कोशिश कर रहे हैं और पुलिस कार्रवाई का सामना कर रहे हैं, उन्होंने इसे लोकतंत्र में विरोध के अधिकार से जोड़ते हुए कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना नागरिकों का संवैधानिक अधिकार है, कन्हैया कुमार ने लोगों से अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि सरकार के रवैये का जवाब लोकतांत्रिक तरीके से विरोध और प्रतिकार के जरिए दिया जाना चाहिए।
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर प्रदर्शन
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी दलों का प्रदर्शन दिल्ली के साथ-साथ पटना में भी हुआ है, विपक्षी दल चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल उठा रहे हैं और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं वहीं, सरकार और निर्वाचन व्यवस्था से जुड़े पक्षों की ओर से इन आरोपों पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आती रही हैं, ऐसे में इस पूरे मामले पर राजनीतिक टकराव लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है।
